एक वो संजय था, एक मैं संजय हूँ,

उसने महाभारत देखा था,

मैं ये महान भारत देख रहा हूँ,

उसमें और मुझमें अन्तर इतना सा है,

उसके सामने एक धृतराष्ट्र था,

मेरे सामने करोड़ों धृतराष्ट्र हैं...


मैं संजय हूँ.....
copyright 2010-2014 Sanjay Jhala